उपायुक्त की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न_
जामताड़ा समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा को लेकर एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति, जिला टास्क फोर्स, रोगी कल्याण समिति, टीबी टास्क फोर्स, टीबी निक्षय पोषण योजना एवं फाइलेरिया उन्मूलन अभियान सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न टास्क फोर्स के कार्यों, उनके दायित्वों एवं प्रगति की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार पदाधिकारियों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न स्वास्थ्य पैरामीटर की गहन समीक्षा
समीक्षा के क्रम में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, बीसीजी टीकाकरण, पूर्ण टीकाकरण, मिजिल्स-रूबेला उन्मूलन, कुपोषण उपचार केंद्र, परिवार नियोजन, एनीमिया मुक्त झारखंड, टीबी उन्मूलन, आयुष्मान भारत योजना, आभा कार्ड सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण पैरामीटरों की क्रमवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि की जानकारी लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
डेटा प्रविष्टि में पारदर्शिता पर जोर
मैटरनल हेल्थ के तहत एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव एवं अन्य सेवाओं में डेटा प्रविष्टि की समीक्षा के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। इस पर उपायुक्त ने संबंधित एमओआईसी एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जिले का समग्र प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है और सभी अधिकारी अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाला सीएचसी में सर्जरी नहीं होने पर कड़ा एक्शन
समीक्षा के दौरान नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। यह पाया गया कि वहां प्रतिनियुक्त सर्जन नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं और सर्जरी भी नहीं की जा रही है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने संबंधित सर्जन का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने को कहा गया।
आयुष्मान भारत योजना में धीमी प्रगति पर नाराजगी
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में लक्ष्य के अनुरूप आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए जाने तथा लाभुकों को प्लास्टिक कार्ड नहीं मिलने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों सहित सभी पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। इसके साथ ही आभा कार्ड निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
डायलिसिस सेंटर के लिए नई पहल
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सदर अस्पताल में पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस सेंटर मानकों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहा है। इस पर उपायुक्त ने विभागीय स्तर पर नया डायलिसिस सेंटर स्थापित करने की दिशा में कार्रवाई करने, उपयुक्त स्थल का चयन करने तथा भवन प्रमंडल से प्राक्कलन तैयार कराने का निर्देश दिया।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की तैयारी तेज
सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि जिले के 27 चिन्हित हाई-रिस्क गांवों में 20 अप्रैल से 5 मई तक 15 दिवसीय फोकल फाइलेरिया मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त ने माइक्रोप्लानिंग के आधार पर अभियान को सफल बनाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
उपायुक्त ने अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यदि चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी ईमानदारी एवं निष्ठा से कार्य करें तो व्यवस्था स्वतः बेहतर हो जाएगी और आम जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, डब्ल्यूएचओ के डॉ. दीपक, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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