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धर्मपुर हत्याकांड से खुली संगठित अपराध की परतें, सात आरोपी गिरफ्तार

 धर्मपुर हत्याकांड से खुली संगठित अपराध की परतें, सात आरोपी गिरफ्तार


जामताड़ा। जिले में 22 फरवरी को धर्मपुर गांव में हुई फुरकान अंसारी की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिस पर हालिया लूट और डकैती की कई वारदातों में शामिल होने का आरोप है। जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक Rajkumar Mehta ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

एसपी के मुताबिक, वारदात के तुरंत बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लगोरी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उस मोटरसाइकिल की पहचान की, जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया था। इसके बाद संदिग्धों की कड़ियां जोड़ते हुए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई और एक-एक कर आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बीते कुछ महीनों से जिले में सक्रिय था और कई संगीन घटनाओं में इसकी भूमिका की आशंका है।

पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह आपसी रंजिश नहीं, बल्कि आपराधिक नेटवर्क के भीतर पनपा अविश्वास था। जांच में संकेत मिले हैं कि उड़ीसा में हुई एक डकैती के बाद गिरोह को शक था कि फुरकान ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी संदेह के आधार पर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और सुनियोजित ढंग से वारदात को अंजाम दिया गया।

मामले में आसिफ अंसारी उर्फ लंबू, हारुन अंसारी, इसराफिल अंसारी, समसुल अंसारी और सफाउल अंसारी को हत्या प्रकरण में प्रमुख भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा सीएसपी संचालक से लूट के मामले में अजमुल अंसारी तथा एक अन्य लूट कांड में वांछित बलमा को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और विभिन्न थानों में इनके खिलाफ पूर्व से मुकदमे दर्ज हैं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो देशी पिस्तौल (7.85 बोर मैगजीन लोडेड), एक 9 एमएम पिस्टल, दो मोटरसाइकिल और आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे गिरोह की गतिविधियों और अन्य वारदातों से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है।

एसआईटी में नारायणपुर थाना प्रभारी मुराद हसन, साकेत प्रताप देव, विनय कुमार यादव, करमाटांड़ थाना प्रभारी चंदन कुमार तिवारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी के जरिए टीम ने मामले को सुलझाया।

एसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर सख्ती जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भरोसा बढ़ा है और हालिया घटनाओं से उपजी दहशत कुछ हद तक कम हुई है।

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