जामताड़ा, 12 मार्च।
मत्स्य विभाग, जामताड़ा के सौजन्य से समाहरणालय परिसर में मत्स्य विपणन योजना के अंतर्गत चयनित मत्स्य विक्रेताओं के बीच मत्स्य किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद ने लाभुकों को किट प्रदान करते हुए उन्हें स्वच्छ और हाईजेनिक वातावरण में मछली की बिक्री करने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मत्स्य विक्रेताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे साफ-सुथरे वातावरण में मछली की बिक्री कर सकें और उपभोक्ताओं को भी सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री मिल सके। उन्होंने विक्रेताओं से अपील करते हुए कहा कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मत्स्य किटों का सही तरीके से उपयोग करें और बिक्री के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
मत्स्य विभाग को प्राप्त कुल 20 लक्ष्यों के विरुद्ध चयनित लाभुकों को हाईजेनिक कंडीशन में मछली बिक्री के लिए यह किट उपलब्ध कराई गई। खुदरा मत्स्य विक्रेताओं को लगभग 15 हजार रुपये प्रति किट की इकाई लागत पर 95 प्रतिशत अनुदान के साथ यह सुविधा प्रदान की गई है।
इस किट में कुल 11 प्रकार की आवश्यक सामग्रियां शामिल हैं, जिनमें छाता, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, बैठी, डस्टबीन, एप्रन सहित अन्य उपयोगी उपकरण दिए गए हैं, ताकि विक्रेता व्यवस्थित और स्वच्छ तरीके से मछली की बिक्री कर सकें।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि और जिला मत्स्य पदाधिकारी रितु रंजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी, मत्स्य विभाग के कर्मी तथा मत्स्य विक्रेता उपस्थित थे।
इस पहल को मत्स्य विक्रेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जिले में स्वच्छता के साथ-साथ मत्स्य विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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