जामताड़ा, समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा एवं आवास योजनाओं की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रखंडों में योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मनरेगा में तेजी लाने व पारदर्शिता पर जोर
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मनरेगा के तहत पीडी जेनरेशन, प्रखंडवार योजनाओं की स्थिति, ई-केवाईसी की प्रगति एवं अधूरे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में पाया गया कि 16 पंचायतों में कार्य नहीं चल रहा है, जिस पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया और निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी मजदूर काम मांगें, उन्हें तत्काल काम दिया जाए और किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
ई-केवाईसी में तेजी लाने का निर्देश
उपायुक्त ने जॉब कार्ड के नवीनीकरण के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जॉब कार्ड का नवीनीकरण या विलोपन ग्रामसभा की सहमति से ही किया जाए, किसी भी स्तर पर मनमाने ढंग से कार्रवाई न हो।
अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत लंबित व अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर उन्हें शीघ्र बंद कराया जाए, ताकि नई योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सके।
आवास योजनाओं में प्रगति बढ़ाने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अबुआ आवास योजना सहित अन्य आवास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृति, किस्तों के भुगतान, फेल्यर पेमेंट, जियो टैगिंग एवं आवास पूर्णता की स्थिति की प्रखंडवार जानकारी ली। उन्होंने अधिक से अधिक आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, प्रभारी निदेशक डीआरडीए विजय कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, मनरेगा एवं पीएम आवास के परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, बीपीओ तथा प्रखंड समन्वयक (आवास) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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