⚡ ब्रेकिंग News

जल संरक्षण में नई मिसाल: ग्राम सक्षम परियोजना से फतेहपुर में तालाबों का





जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में राहत पहुंचाने के उद्देश्य से संवाद संस्था एवं एसबीआई फाउंडेशन द्वारा संचालित ग्राम सक्षम परियोजना के तहत फतेहपुर प्रखंड में तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस पहल से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि गांवों की पारंपरिक जल संरचनाएं भी फिर से जीवित हो रही हैं।


परियोजना के तहत वर्ष 2025 में तीन चरणों में कार्य किया गया। पहले चरण में 10 तालाबों का जीर्णोद्धार कर लगभग 34,025 घन मीटर जल भंडारण क्षमता विकसित की गई। दूसरे चरण में 10 तालाबों को सुधारकर 28,968 घन मीटर क्षमता तैयार की गई, जबकि तीसरे चरण में 2 तालाबों का जीर्णोद्धार कर 2,671 घन मीटर जल संग्रहण की व्यवस्था की गई।


इन प्रयासों के माध्यम से कुल 22 तालाबों में करीब 6 करोड़ 50 लाख लीटर जल संरक्षण सुनिश्चित किया गया, जो क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे भू-जल स्तर में सुधार, सिंचाई के साधनों में वृद्धि और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।


इसके अलावा, परियोजना के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार के उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे तालाबों के आसपास जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। इस पहल से किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं और रासायनिक खेती पर निर्भरता भी कम हो रही है।


वर्तमान वर्ष 2026 में भी यह अभियान जारी है। इस साल लगभग 60 लाख लीटर जल संरक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 6 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिनकी कुल जल भंडारण क्षमता 5,254 घन मीटर होगी।


ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां पानी की कमी एक बड़ी समस्या थी, वहीं अब तालाबों के पुनर्जीवन से स्थिति में काफी सुधार आया है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है और पशुपालन में भी सुविधा बढ़ी है।


ग्राम सक्षम परियोजना के माध्यम से फतेहपुर प्रखंड में जल संरक्षण और सतत कृषि की दिशा में यह पहल आने वाले समय में और भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...