“
चार भाई-बहनों का परिवार, एक बहन दिव्यांग; मां के साथ जनता दरबार पहुंची स्नातक उत्तीर्ण पहाड़िया युवती, बोली– “बाबू साहब, मुझे एक नौकरी की सख्त जरूरत है”
जामताड़ा:
जामताड़ा समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जनता दरबार उस समय भावुक और गंभीर माहौल में बदल गया, जब नाला प्रखंड के एक दूरस्थ गांव से अपनी मां के साथ पहुंची स्नातक उत्तीर्ण पहाड़िया जनजाति की एक युवती ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार के समक्ष रोजगार की गुहार लगाई। आमतौर पर जनता दरबार में जमीन विवाद, पेयजल संकट, राशन कार्ड, आवास और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सुनाई देती हैं, लेकिन इस बार एक बेटी की मजबूरी और परिवार को संभालने की चिंता ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। युवती ने उपायुक्त के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, “DC साहब, नौकरी दिला दीजिए… घर चलाना मुश्किल है। बाबू साहब, मुझे एक नौकरी की सख्त जरूरत है।”
बताया गया कि उक्त युवती नाला प्रखंड से अपनी मां के साथ जनता दरबार पहुंची थी। युवती ने बताया कि वह स्नातक उत्तीर्ण है और काफी समय से रोजगार की तलाश कर रही है, लेकिन कहीं भी काम नहीं मिलने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उसने कहा कि परिवार में कुल चार भाई-बहन हैं, जिनमें एक बहन दिव्यांग है और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी परिवार पर ही है। घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है। युवती ने कहा कि यदि उसे कोई छोटी-मोटी नौकरी भी मिल जाए तो वह अपने परिवार का सहारा बन सकती है और अपने घर की जिम्मेदारियों को संभाल सकती है।
जनता दरबार में छलका दर्द, कुछ देर के लिए गंभीर हो गया माहौल
जनता दरबार के दौरान जब युवती अपनी परेशानी बता रही थी, तब वहां मौजूद लोग भी उसकी मजबूरी को गंभीरता से सुनते नजर आए। युवती ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे उम्मीद थी कि कोई रोजगार मिल जाएगा, लेकिन लगातार कोशिशों के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से परिवार की स्थिति और खराब होती चली गई। ऐसे में अब उसने प्रशासन से उम्मीद लगाकर जनता दरबार का दरवाजा खटखटाया है।
युवती की बातें सुनने के बाद उपायुक्त ने उससे स्वरोजगार की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की और पूछा कि यदि किसी प्रकार की सरकारी सहायता या रोजगार योजना के माध्यम से काम शुरू कराया जाए तो क्या वह तैयार होगी। इस पर युवती ने विनम्रता से कहा कि यदि उसे कोई नौकरी मिल जाए तो परिवार को नियमित आय का सहारा मिलेगा और घर की स्थिति बेहतर हो सकेगी।
उपायुक्त ने जिला नियोजन पदाधिकारी को दिए आवश्यक निर्देश
मामले की गंभीरता को समझते हुए उपायुक्त ने तत्काल जिला नियोजन पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए युवती के मामले में समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने युवती को आश्वस्त किया कि प्रशासन उसकी समस्या को गंभीरता से ले रहा है और रोजगार से संबंधित संभावनाओं पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उपायुक्त ने यह भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना है।
जनता दरबार में 50 से अधिक फरियादियों ने लगाई गुहार
इधर, मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूरवर्ती गांवों से पहुंचे 50 से अधिक फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा। किसी ने जमीन अतिक्रमण की शिकायत की तो किसी ने मनरेगा मजदूरी भुगतान में हो रही देरी की बात कही। वहीं कई लोग राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मईया सम्मान योजना की राशि, आवास योजना की दूसरी किस्त, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, चापाकल खराबी, भू-अर्जन मुआवजा और रोजगार जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे।
पबिया हटिया अतिक्रमण और धार्मिक स्थल के पास मीट दुकान का मामला पहुंचा जनता दरबार
जनता दरबार में नारायणपुर प्रखंड के पबिया गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने साप्ताहिक हटिया स्थल में अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि हटिया स्थल के समीप एक धार्मिक स्थल स्थित है, लेकिन उसके ठीक बगल में मीट और मुर्गा की दुकान खोल दी गई है, जिससे धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो रही हैं और स्थल की शुचिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
महीनों से बंद आंगनबाड़ी केंद्र पर उपायुक्त ने दिखाई सख्ती
नाला प्रखंड क्षेत्र के सूर्यापानी आंगनबाड़ी केंद्र के कई महीनों से बंद रहने की शिकायत भी जनता दरबार में सामने आई। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि केंद्र बंद रहने के कारण बच्चों के पोषण और शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने तत्काल जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को बुलाकर जानकारी ली। बताया गया कि संबंधित सेविका से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि सेविका अपने कार्य के प्रति लापरवाह पाई जाती है या काम करने में सक्षम नहीं है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चयनमुक्त किया जाए और नई सेविका का चयन सुनिश्चित किया जाए।
CSC संचालकों की मनमानी पर उपायुक्त का सख्त रुख
जनता दरबार में नारायणपुर प्रखंड से पहुंचे एक युवक ने शिकायत करते हुए बताया कि उसे नौकरी के लिए ओबीसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता है, लेकिन ऑनलाइन आवेदन के नाम पर CSC संचालक द्वारा तय शुल्क से अधिक राशि की मांग की जा रही है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जांच के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी CSC संचालक निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
“लोगों को सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना चाहिए”
जनता दरबार के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश देते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों का बार-बार चक्कर नहीं लगाना चाहिए। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नियमानुसार होने वाले कार्यों का समयबद्ध निष्पादन हो और किसी भी फरियादी को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त ने विशेष रूप से पेयजल समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए परेशान नहीं होना चाहिए और संबंधित विभाग इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ काम करें।
गौरतलब है कि जामताड़ा समाहरणालय में प्रत्येक मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 1 बजे तक जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोग सीधे उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं रख सकते हैं और उनके समाधान की दिशा में प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

एक टिप्पणी भेजें