जामताड़ा:
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में त्रैमासिक जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के बैंकों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने केसीसी ऋण वितरण, सीडी रेश्यो तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों पर नाराजगी जताई।
बैठक में केसीसी, सीडी रेश्यो (ऋण-जमा अनुपात), एनुअल क्रेडिट प्लान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन योजना, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, एसएचजी लिंकेज, मुद्रा लोन, पीएमएफएमई, पीएम स्वनिधि एवं एसबीआई आरसेटी समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि आगामी 20 मई तक चल रहे केसीसी अभियान में बैंकों के उदासीन रवैए के कारण अब तक केवल 214 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कई बैंकों का केसीसी ऋण स्वीकृति में प्रदर्शन शून्य रहने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि एक माह के भीतर सभी बैंक अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं, अन्यथा सरकारी खाते और राशि बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित बैंक प्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण पूछने तथा इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक को देने का निर्देश भी उपायुक्त ने दिया।
सीडी रेश्यो की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में जमा राशि बढ़ रही है, लेकिन बैंक ऋण वितरण में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में जामताड़ा का सीडी रेश्यो निचले स्तर पर है, जो चिंता का विषय है। उपायुक्त ने खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों को चेतावनी देते हुए जल्द सुधार लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सीडी रेश्यो में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो संबंधित बैंकों से सरकारी खाते और राशि हटाने के साथ उच्चाधिकारियों एवं वित्त विभाग को भी कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने अनबैंक्ड क्षेत्रों में बैंक शाखा एवं एटीएम की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया। आरबीआई प्रतिनिधि द्वारा जिले की जनसंख्या के अनुसार बैंकिंग सुविधाओं की आवश्यकता बताई गई, जिस पर उपायुक्त ने अगले छह माह में बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
पीएमएफएमई एवं अन्य सरकारी योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृति में बैंकों के ढुलमुल रवैए पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई और कहा कि बैंक ऋण देने में आनाकानी करने से बचें। उन्होंने बैंकों को शिक्षा ऋण और सरकारी प्रायोजित योजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
इसके अलावा लंबित नीलाम पत्र वादों के निष्पादन, डिजिटल जागरूकता बढ़ाने, केसीसी संबंधी सूचना बोर्ड लगाने तथा आम लोगों को बेहतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार, एलडीएम बालादित्य कुमार, आरबीआई प्रतिनिधि सन्नी कुमार, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक दीपिका तिर्की, डीपीएम जेएसएलपीएस राहुल रंजन सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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